* ﷽✨✨✨✨ * * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * _ * कहानी संख्या _47 * * "खतरनाक खुश फहमी" * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * * * "इमाम सादिक (अ.स.) के सामने एक शख्स आया और कहा," मौला, मैं आपके कुछ ऐसे चाहने वालों को जानता हूँ जो खुद को आपका का शिया कहते हैं और पाप भी करते हैं, और फिर वे कहते हैं, "अल्लाह सबसे बड़ा रहीम व करीम है वो हमें बख्श देगा,इमाम (अस) ने ये सब सुनकर कहा वो लोग झूठ बोलते हैं वो हमारे पैरोकार व दोस्त व शिया हरगिज़ नहीं है, " और यह उनका भ्रम है जो उन्हें भटका रहा है। जब कोई व्यक्ति किसी चीज की उम्मीद करता है, तो वह उस तक पहुंचने की कोशिश भी करता है, और इसी तरह, अगर कोई व्यक्ति किसी चीज से डरता है, तो उसे उससे बचने की तदबीर ढूंढ़ना चाहिए। तभी बच सकता है"* * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * * संदर्भ: "दस्तानाई उसूल काफ़ी, मोहम्मद मोहम्मदी इश्तारदी, पृष्ठ ।"448 * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈ share please contect us +989056936120 join link https://chat.whatsapp.com/FIWUARZSWJ3CRi91NbEeZr *✨✨✨✨✨ ﷽✨✨✨✨* *•┈┈•┈┈•┈┈••⊰⊰✿✿⊱⊱••┈┈•┈┈•┈┈••* *📖"خطرناک خوش فہمى"* *•┈┈•┈┈•┈...
इस्लामिक वाक़ेआत