* ﷽✨✨✨✨ * * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * _ * कहानी नंबर _43 * "अल्लाह की रहेमत पहले है और हिदायत बाद में " * * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * "इमाम सादिक (अ.स.) की खि़दमत में कुछ लोग मौजूद थे, जिनमें एक ईसाई भी शामिल था। बातचीत और सवाल-जवाब के दौरान, ईसाई ने छींक दी और हाज़रीन ने कहा," हदाक अल्लाह, "यानी अल्लाह तुम्हें हिदायत दे। "इमाम सादिक़ (अ.स.) ने कहा:" कहो, " यरहमोक अल्लाह" यानी अल्लाह आप पर रहम करे। लोगों ने कहा मौला वो तो काफिर है ,इमाम (अस,) ने जवाब दिया: अगर अल्लाह तआला उस पर रहेमत नाजिल नहीं करेगा तो वह हिदायत भी हासिल नहीं कर सकता है। क्योंकि बिना खोदा की रहेमत के कुछ भी हासिल नहीं हो सकता है इस लिए हमें चाहिए कि उसकी रहेमत को हासिल करने की कोशिश करें और उसकी रहमते खास उसी केलिए है जो गरीबों की मदद करे आज ईद का दिन है कोशिश करें कोई भी गरीब मायूस ना हो ।(इलाही अमीन) * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * * संदर्भ: "दस्तानाई उसूल काफ़ी, मोहम्मद मोहम्मदी इश्तारदी, पृष्ठ 437।" * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * share please contect us +989056936120 join link https://chat.whatsapp.c...
इस्लामिक वाक़ेआत