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जब इमामे ज़माना (अ,)तशरीफ लायेंगे तो उनकी रवीश क्या होगी।

* ﷽✨✨✨✨ *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  _ * कहानी नंबर _33 *  * "जब इमाम ज़माना (अ,) तशरीफ लाएंगे तो उनकी रवीश  क्या होगी?" *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  * ✍🏻 " ज़माने गैबते इमाम(अ,) में इराक में एक व्यक्ति ने ख़ुम्स निकाला और सहम इमाम (؏) का हिस्सा इमाम (अ,)की खिदमत में भेजा और उसका सहम इमाम (؏) स्वीकार नहीं किया गया और मना कर दिया गया और उसे जवाब में कहा कि तुम ने जो माल भेजा है  उसमें 400 दिरहम गसबी माल है ,  और आपकी संपत्ति तब तक स्वीकार नहीं की जाएगी जब तक कि वह संपत्ति के मालिक तक नहीं पहुंच जाती।जब उस शख्स की तहकीक की गई तो पता चला कि वो एक ज़मीन में अपने चचेरे भाई के साथ भागीदार था और उसने अपना बकाया अदा नहीं किया था। उस शख्स से 400 दिरहम निकलवा कर उसके चाचा के बेटों तक पाहोंचाए गए।और फिर उनके माल को इमाम (अ.स.) की खिदमत में पेश की गई।  इस बार उनके माल को क़ुबूल कर   लिया गया। "*(इसका मतलब ये है कि खोदा या इमाम को गासबीन का माल क़ुबूल नहीं चाहे वो दिन के कामों(मजलिस,इफ्तार,) ही कियूं ना हों।)  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  * संदर्भ: "दस्तान...