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अक्ल सबसे अफ़ज़ल है।dastan no 31

* ﷽✨✨✨✨ *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  _ * कहानी नंबर _31 *  * * "अक़्ल सबसे अफ़ज़ल है" *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  एक दिन, जिब्राईल  (अ,) अल्लाह के  हुक्म से आदम (अ,)के पास  आया और कहा: हे अल्लाह के पैगंबर  (अ,), मैं अल्लाह की तरफ से तीन चीजें लाया हूं और आप इन तीन चीजों में से एक को चुन सकते हैं !! हज़रत आदम (अ,) ने पूछा कि ये तीन चीज़ें क्या हैं? हज़रत जिब्राईल (अ,) ने कहा कि ये तीन चीज़ें हैं अक्ल, हया और दिन हैं!! हज़रत आदम (अ,) मैं इनमें से अक्ल का चयन करता हूं। जिब्राईल (अ,) ने दीन और हया को वापस जाने के लिए कहा। दीन और हया ने उनसे कहा: हे जिब्राईल (अ,) हमें हुक्म दिया गया है कि जहां अक्ल है  आप दोनों को वहाँ रहना है। हम अक्ल से अलग नहीं हो सकते। "*  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  इस से ये मालूम होता है कि अगर किसी के पास अक्ल है तो वो दिन और हया से अलग नहीं हो सकता है ।इसका मतलब अगर कोई बे हायाई करे और दिन के खिलाफ कुछ बोले तो असल में वो अक्ल मंद ही नहीं हो सकता है।मजनून ज़रूर हो सकता है।  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  "दस्तानाई उसूल काफ़ी, मोहम्मद मो...

अल्लाह का हकिकी राहेनुमा dastan no 30

* ﷽✨✨✨✨ *  * • ┈┈ • ⊰⊰✿✿⊱⊱ •• *  * कहानी संख्या* 30  *(अल्लाह का हकीकी राहेनुमा),  * • ┈┈ • ⊰⊰✿✿⊱⊱ •• *  * ✍🏻✨एक सीरियाई शामी शहर मदीना में प्रवेश किया और उसकी निगाह इमाम हसन अलैहिस्सलाम पर पड़ी तो वह आँ हज़रत की सेवा में आया और लान, तान करना शुरू कर दिया और जो कुछ बन पड़ा उसने अपनी ज़बान से इमाम की शान  में गुस्ताख़ी कि और फिर इमाम ने मुस्कुराते हुए कहा: हे अल्लाह के बंदे, मुझे लगता है कि आप इस शहर में गरीब (यानी यात्री) हैं और शायद आपने मुझे गलत समझा है। यदि आप हमसे तलब रेजायत करोगे, तो हम आपसे प्रसन्न होंगे  और अगर आपको हमसे कुछ चाहिए, तो हम आपको देंगे।  यदि आप रहेनुमाई चाहते हैं, तो हम आपकी हेदायत करेंगे।  यदि आप चाहते हैं कि हम आपके भार को उठाने में आपकी सहायता करें, तो हम आपकी सहायता करेंगे।  यदि आप भूखे हैं, तो हम आपको सैराब कराएंगे।  यदि आपके पास कपड़ा नहीं  हैं, तो हम आपको कपड़े देंगे।  यदि आप जरूरतमंद हैं, तो हम आपकी जरूरत को पूरा करेंगे ।  यदि आपके पास रहने के लिए जगह नहीं है, तो हम आपको रहने की जगह प्रदान...

formula,जन्नत जाने का ,dastan no29

* ﷽✨✨✨✨ *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  _ * कहानी नंबर _29 *  * Formula "जन्नत जाने का " *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  * "नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) एक ऊँट पर सवार थे और एक युद्ध में जा रहा थे जब एक अरब उनकी ख़िदमत में आया और उसने ऊँट को रोक दिया और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कुछ बताने के लिए कहा।  कि मैं जन्नत तक पहुँच जाऊं !! पवित्र नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कहा: !!  जिस तरह का अख्लाक तू काहेता है कि लोग तेरे साथ रखें ,वहीं अखलाक तू उनके साथ रख,और जिस तरह का अखलाक तू पसंद नहीं करता कि ऐसा खलक लोग तेरे साथ ना रखें तू उनके साथ भी ना रख। ("*आज के इस दौर में हर आदमी चाहेता है कि दूसरा आदमी मेरे साथ अच्छे से पेश आए और मेरा दिल खुश करे अपने अखलाक से लेकिन हम कुछ भी नहीं करना चाहेते जब की जिस तरह हम दूसरों से चाहते हैं वहीं हम उनके लिए करें तो शायद किसी की तमन्ना पूरी हो जाए जिससे वो और उसका खुदा दोनों राज़ी हो जाएं।)  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  * संदर्भ: "दस्तानाई उसूल काफ़ी, मोहम्मद मोहम्मदी इश्तारदी, पृष्ठ  457।"  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * sh...

दुनिया के बेहतरीन लज़्ज़तो की हकी़क़तdastan no 28

* ﷽✨✨✨✨ *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * कहानी संख्या 28*  * "" दुनिया के बेहतरीन लेज्जतों की हकीकत "*  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  *  "यह एक  हकीकत  है कि इमाम अली (अ.स.) दुनिया और दुनियावी मामलों से बेहद बेजार  थे। उन्होंने (؏) दुनिया को मोखताब किया और बार-बार कहा: , गुर्री गैरी "जाओ और मेरे अलावा किसी और को धोखा दो, मैंने तुम्हें तलाक दे दिया है, जिसके बाद दोबारा पलटने का कोई सवाल ही नहीं है !! *  * "इब्न तलहा शाफई 'लिखते हैं कि एक दिन हज़रत अली (अ.स.) ने जाबिर इब्न अब्दुल्ला अंसारी को एक गहरी साँस लेते हुए देखा और पूछा," हे जाबिर, क्या यह दुनिया के लिए तुम्हारी ठंडी साँस है? "  ) हां, आपने सही  कहा मौला दुनिया के लिए ही है !! सुनो जाबिर !! मनुष्य का जीवन सात चीजों पर निर्भर करता है और ये सात चीजें हैं जिन पर लज्जतों का खातेमा होता है, जिनका विवरण इस प्रकार है ... *  *, खाने वाली चीज़ें *  *, पीने वाली चीज़ें, *  * पहेनने वाली चीज़ें, *  * लेज्जत निकाह वाली चीज़ें, *  *, सवारी वाली चीज़ें, *  * सूँघने की चीज़ें, *  *...

रिश्तेदारों से अच्छे अखलाक परवरदिगार की नज़र रहेमत का सबब बनता है।dastan no,27

* ﷽✨✨✨✨ * * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * _ * कहानी नंबर _27 * *  "सभी परिस्थितियों में सेलाह रहेम आवश्यक है" * * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * * * "एक दिन एक आदमी इमाम सादिक़ (अ.स.) की खि़दमत में आया और अपने रिश्तेदारों की शिकायत करने लगा !! !! इमाम (अ.स.) ने अपने ग़ुस्से पर का़बू रखने के लिए कहा !! इस आदमी ने कहा कि मेरे रिश्ते दार मेरे साथ जो करना चाहें कर गुज़रते हैं तो इस के जवाब में मैं कुछ भी ना करूं ?इमाम (अ,)ने फरमाया के तू क्या चहेता है की इनकी तरह बन जाओ और खु़दा  वंदे मोताल तुम से नजरें करम उठा ले । (इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने रिश्तेदारों से हमेशा अच्छे अखलाक से पेश आऐं और अगर वो बतुम्हरे साथ बुराई भी करें तो भिंतुम उनके साथ अच्छाई करो कियों की जो रिश्तेदारों से कता ताल्लुक करता है खोदा उसकी उम्र को कम कर देता है और अपनी बरकतों को दूर कर देता है ) * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• * * संदर्भ: "दस्तानाई उसूल काफ़ी, मोहम्मद मोहम्मदी इश्तारदी, पृष्ठ 462।" * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ ••  share please contect us +989056936120 *✨✨✨✨✨ ﷽✨✨✨✨* *•┈┈•┈┈•┈┈••⊰⊰✿✿⊱⊱••┈┈•┈┈•┈┈•• *📖"صلہ رحمى ہر حال ميں ضرورى ...

मौला अली (अ,)का दावा सलोनी और एक अनोखा सवाल ।dastan no 26

* ﷽✨✨✨✨ *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  _ * कहानी नंबर _26 *  *  "मौला अली  (؏) का दावा सलोनी और एक अनोखा सवाल?" *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  * * "एक दिन हज़रत अली (अ,) ने बसरा मस्जिद के मिंबर पर खुतबा देते हुए कहा !!" सलोनी ,सलोनी क़ब्ल अन तफकिदूनी "" जो कुछ भी तुम मुझसे पूछना चाहते हो मुझसे पूछो इस से पहले की में तुम्हारे दरमियान से चला जाऊं"!! एक शख्स दरमियान से खड़े होकर सवाल करता है अये आमिर अल-मुमीनिन (अ,) इस समय जिब्राईल  (अ,) कहाँ है ?? मोला अली (अ.स.) ने आसमान की तरफ देखा, फिर अपने दायें और बायें की ओर देखा और कहा तुम जिब्राईल हो  ___ उस वक़्त जिब्राइल  ने परवाज़ की और मस्जिद की  छत को फ़ाड़ कर चला गया !! इस घटना को देखकर लोगों ने अल्लाहु अकबर ,की सदा बुलंद की  और कहा !!! हे अमीर अल-मुमीनिन (अ,) !!! आपको कैसे पता चला कि वह जिब्राईल (अ,) है?अमीर अल मोमनिन (अ,) !!!    ने कहा, "जब मैंने आकाश को देखा, तो मेरे आंखों ने आकाश की सभी परतों, यहां तक ​​कि सिंहासन, फर्श और कुर्सी को भी देखा, लेकिन मैंने इसे नहीं देखा, फिर ज़मीन के सभी कोन...

जिन्नों का पानी पिलाना dastan no 25

* ﷽✨✨✨✨ *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  _ * कहानी नंबर _25 *  * * "जिन्नों का पानी पिलाना " *  * ⊰⊰✿✿⊱⊱ ┈┈ •• *  * ✍🏻 "कुछ लोग मोमेनीन में से  किसी यात्रा पर निकले। दूरदराज के इलाके में उनका पानी  समाप्त हो गया और बहुत ज़यादा प्यासे  हो गए। यहां तक ​​कि मरने की हालत में पहोंच गए, इसी दौरान एक बूढ़े आदमी जो सफेद पोशाक  मैं उसे अपने पास आते देखा। जब वह करीब आया, तो मैंने देखा कि उसके हाथों में एक बड़ी मश्क थी जो पानी से भरी थी। मोमनीन ने  पेट भर कर पानी पी लिया और वे सैराब हो गए।  फिर उसने बूढ़े व्यक्ति से पूछा, "तुम कौन हो?" बूढ़े व्यक्ति ने कहा, "मैं जिन्न से हूं, और मैंने रसूल ए खुदा के हाथों पर बैय्यत की  है, , और मैंने पैगंबर से सुना,था  कि  एक मोमिन दूसरे मोमिन का भाई है।और रक मोमिन दूसरे मोमिन का रहेनुमा होता है , , इसलिए जब एक मोमिन भाई हलक या गुमराह हो रहा हो ,तो दूसरे मोमिन का हक बनता है की दूसरे की मदद करे , इसलिए आप लोग मेरे होते हुए हलाक नहीं हो सकते।  "*( ग़ौर तलब बात है ,की रक जिन्नात को ये बात समझ में आती है ...